पहली बार ब्लैक होल की तस्वीर आयी, देखकर सन्न रह जायेंगे

ब्लैक होल हमारी पृथ्वी से करीब 500 मिलियन ट्रिलियन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसका भार सूर्यभार से 6.5 अरब गुना ज्यादा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह सबसे बड़ी ब्लैक होल हो सकती है। आकार की बात करें तो यह पृथ्वी के आकार से 30 लाख गुना ज्यादा बड़ी हो सकती है।

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अब आप जीभ की मदद से दुनिया देख पायेंगे! (दिव्यांग विशेष*)

ताज्जुब हो रहा है ना, शीर्षक पढ़कर! लगना ही चाहिये क्योंकि हम आपके लिये एक ऐसी कहानी पेश कर रहे

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अब किडनी प्रत्यर्पण होगी और आसान, जापानी अनुसंधान का दावा

मानव शरीर की रचना इस संसार मे सबसे जटिल है। इंसान आज तक मानव शरीर को पूर्णतया समझ नहीं पाये

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अब अस्पताल से बाहर हृदयाघात से बचा जा सकेगा, डेनिश स्टार्टप ने तैयार किया सोफ्टवेर

  डेनमार्क की एक स्टार्टप ने एक कलनिधि का विकास किया है। यह कलनिधि कृत्रिम बुद्धिमता की मदद से फोन

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एलन मस्क ने माना, मानव बल को कम आँकना कंपनी की भूल बनी

एलन मस्क ने सीबीएस न्यूज को दिये साक्षात्कार में कहा है कि कंपनी कार उत्पादन के लिये इंसानों के बजाय

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पूर्वोत्तर राज्यों में झंझावात से बचने के लिए इसरो की पूर्वोत्तर शाखा का अद्यप्रसारण

पूर्वोत्तर अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र २०१५ से भारत की पूर्वोत्तर राज्यों में झंझावातों से बचने के लिए अद्यप्रसारण सेवायें प्रदान कर रही है। यह प्रणाली चार घंटे तक का पूर्वानुमान बताती है। यह इन्सैट-३डी/इन्सैट -डीडीअार सैटेलाइट इमेजर ओर साउंडर ,स्वचालित मौसम स्टेशन के आंकडो़ ओर सांख्यिक मौसम पूर्वानुमान डेटा का विश्लेषण करती है।चुकिं आंकडो़ का उपयोग से पूर्वानुमान लगाना मुश्किल था क्योंकि ज्यादातर झंझावात की घटना स्थानीय थी।

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मप्र, महा, छग में पर्यावरणीय आपदा से निपटने को इसरो की जीआईएस पोर्टल का उपयोग अब महा निगम करेगी

इसरो ने एक वेब-आधारित जीआईएस (भूसूचना प्रणाली) पोर्टल का विकास किया है जो मध्य भारत के मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं महाराष्ट्र में पर्यावरणीय आपदा से निपटने के लिये सुदूर संवेदी अनुप्रयोगों का इस्तेमाल करती है। इस पोर्टल का औद्योगिक उपयोग अब महाराष्ट्र की विद्युत कंपनी कर रही है।

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