फेसबुक की कैंब्रिज एनालिटिका भाग 2: रैंकवेभ

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फेसबुक के लिये संकट की एक खबर आयी है। यह संकट पिछले वर्ष की कैंब्रिज एनालिटिका जैसी हो सकती है।

हालाँकि इसका खुलासा कंपनी ने खुद अपनी ब्लोग में किया है। कंपनी ने रैंकवेभ नामक दक्षिण कोरियाई आँकड़ा विश्लेषिकी कंपनी पर मुकदमा दायर किया है। यह मुकदमा कैलिफोर्निया राजकीय न्यायालय में दर्ज की गयी है।

फेसबुक ने कहा है कि दक्षिण कोरियाई कंपनी ने उसकी विकासक मंच की आँकड़ों का दुरुपयोग किया। जब उसने रैंकवेभ को नीति अनुपालन ओडिट में सहयोग करने को कहा, तब कंपनी ने मना कर दिया और आँकड़ों को मिटाने का अनुरोध किया।

यहाँ एक मस्ती एप का उल्लेख है जिसके जरिये उपयोक्ता आँकड़ों को ईकट्ठा किया गया और फिर इनका उपयोग व्यवसायिक लक्ष्यों की प्राप्ति में किया गया। यह कैंब्रिज एनालिटिका की व्यक्तित्व क्विज एप जैसी ही है जिसमें करोड़ों उपयोक्ताओं और उनके मित्रों के आँकड़ों का दुरुपयोग किया गया था।

बकौल फेसबुक, रैंकवेभ उनकी नीतियों को मानने में असफल रही है जो सभी विकासकों के लिये अनिवार्य हैं।

इस मुकदमे में रैंकवेभ की आँकड़ा उपयोगिता का जिक्र है जिसके तहत कंपनी फेसबुक मंच पर उपलब्ध अपनी एपों के जरिये फेसबुक उपयोक्ताओं के आँकड़ों से उनकी जैविक और व्यवहारिक जानकारी ईकट्ठा करने में सक्षम है।

इन विश्लेषित आँकड़ों की मदद से कंपनी अपनी उद्यम ग्राहकों को बेहतर विज्ञापन व विपणन सेवा देती होगी।

सरल शब्दों में कहें तो कंपनी आपकी स्थान आँकड़ों के आधार पर विशिष्ट विज्ञापन दिखाने में सक्षम है, जैसे यदि आप आज रात आईपीएल फाइनल मैच देखने के लिये स्टेडियम पहुँच चुके हैं, तब कंपनी आपको क्रिकेट संबंधी विज्ञापन दिखा सकती है।

सनद रहे कि फेसबुक ने रैंकवेभ की सभी खातों और एपों को निलंबित कर दिया है।

“कंपनी ने न्यायालय से कहा है कि वह मौलिक शर्तों को रैंकवेभ पर लागू करे जिनपर रैंकवेभ ने एप संचालित करने के बदले सहमति दी थी”, फेसबुक ने अपनी ब्लोग में कहा।

इस मुकदमे के जरिये, हम विकासकों को संदेश दे रहे हैं कि वे नीतियों की अवमानना नहीं कर सकते हैं और हम हमारी नीतियों के क्रियान्वन पर गंभीर हैं जिसमें विकासकों को हमारा साथ देना पड़ेगा।

फेसबुक का यह प्रयास उसे कैंब्रिज एनालिटिका जैसी संकट से उबारने के बाद की गयी राहत योजना जैसी लगती है जहाँ उपयोक्ता आँकड़ों का दुरुपयोग तत्पूर्व हो चुकी है। और अब बची राख पर सवाल उठायी जा रही है।

छवि स्त्रोत: Pixabay

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