2018 में डाउनलोड की गयी 0.04% एंड्राएड एप हानिकारक थी

2018 में डाउनलोड की गयी 0.04% एंड्राएड एप हानिकारक थी

एंड्राएड ओपरेटिंग सिस्टम सुरक्षा वजहों से काफी संवेदनशील रही है। और दुनियाभर में 200 करोड़ से अधिक लोग इस मोबाइल ओपरेटिंग सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं।

गूगल ने एंड्राएड पर एक वार्षिक प्रतिवेदन प्रकाशित किया है जिसमें एंड्राएड की सभी गतिविधियों का उल्लेख है। इस प्रतिवेदन के अनुसार, 2018 में गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड की गयी 0.04 प्रतिशत एप हानिकारक थी जो 2017 में 0.02 प्रतिशत थी।

PHA on google play vs other

सैंसरटावर की आँकड़ानुसार, 2018 में कुल 7570 करोड़ बार एंड्राएड एप डाउनलोड किया गया था जिनमें से 3 करोड़ एपों को हानिकारक अनुप्रयोग करार दिया गया।

जब आप गूगल प्लेस्टोर से कोई एप डाउनलोड करते हैं, तब उक्त एप पर गूगल प्ले प्रोटेक्ट लागू होती है जिसकी वजह से कई बार एप डाउनलोड नहीं हो पाती है और कंपनी उसे अवरुद्ध कर देती है। इसकी वजह से लोग गूगल प्लेस्टोर से एप डाउनलोड करने के बजाय किसी अन्य सजाल से एप डाउनलोड करने लगते हैं जिनपर गूगल का कोई नियंत्रण नहीं है।

ऐसे में, जबतक गूगल इन त्रिपक्षीय एप डाउनलोडर सजालों का समाधान नहीं ढूँढ लेती है, तबतक हमें ऐसे कई प्रतिवेदनों से मिलना होगा जिसमें इस बात का उल्लेख होगा कि फलाँ प्रतिशत एप हानिकारक पायी गयी।

वैसे गूगल उन मोबाइल फोनों में हानिकारक एप संस्थापित होने की जानकारी दे रही है जिनमें गूगल प्ले प्रोटेक्ट तत्पूर्व संस्थापित है। और एंड्राएड संस्करण जैसे-जैसे उन्नत होती जायेंगी, ऐसी समस्यायें कम होने की उम्मीद है।

PHA apps on android platforms

एपल की आईओएस कोपीराइटेड है और सिर्फ, एपल ही फैसला लेती है कि उसके आईओएस पर कौन रहेंगे और कौन नहीं। लेकिन एंड्राएड प्रणाली आईओएस से कई गुना बड़ी है जो अवांछित लोगों के लिये आसान हथियार बनती है।

एंड्राएड मुक्तस्त्रोतीय होने की वजह से काफी जटिल बन जाती है जिसकी वजह से इसका ज्यादा दुरुपयोग होता है। इसके अलावा, अधिकतर एपों का निर्माण मुक्तस्त्रोतीय अवयवों से होता है जो एप दुरुपयोग की वजह बन जाती है इसीलिये हर पाँच में से एक एप में विसंगति मिली है।

छवि स्त्रोत: Google Report

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