फेसबुक ब्लोकचैन के प्रति वाकई गंभीर है, अपनी क्रिप्टोमुद्रा लांच कर सकती है

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पिछले वर्ष फेसबुक ने अपनी मंच पर क्रिप्टोमुद्रा संबंधित सभी विज्ञापनों को प्रतिबंधित कर दिया था लेकिन लगता है कि इस वर्ष पूरा माहौल बदला हुआ है!

फेसबुक की करियर्स पृष्ठ पर ब्लोकचैन आधारित कई नौकरियाँ सूचीबद्ध हो चुकी हैं। अगर आप ब्लोकचैन में करियर बनाना चाहते हैं तो आप दुनिया की सबसे बड़ी सामध्यमा कंपनी की इस पृष्ठ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

इस सबके बीच अहम मुद्दे पर लौट आते हैं कि फेसबुक की पिछली वर्ष की कार्रवाई के बाद इस वर्ष ऐसा क्या हो गया कि फेसबुक इसपर वाकई इतनी गंभीर हो चुकी है!

अगर फेसबुक की नजर से ब्लोकचैन या क्रिप्टोमुद्राओं को देखें तो दो-तीन चीजें साफ हो जाती है। इसके जरिये वह पैसे छापने वाला पुण्यार्थ काम तो करेगी ही, साथ ही साथ फर्जी खबरों पर भी विराम लगा सकती है।

फेसबुक ब्लोकचैन की मदद से अपने किसी भी मंच पर विज्ञापित सामान बेचकर दुनिया की सबसे बड़ी पेपाल बन सकती है। इसके साथ वह लोगों को प्रमाणित कर पायेगी कि कौन उसके मंच पर पोस्ट कर सकते हैं जिससे निगरानी और ओडिट प्रक्रिया अधिक सख्त हो जायेगी।

ब्लोकचैन प्रौद्योगिकी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके जरिये वह बोट का आसानी से पता लगा सकती है और उन्हें अपनी प्रणालियों से दूर रख सकती है।

न्यूयार्क टाइम्स की खबर पर गौर करें तो फेसबुक अपनी क्रिप्टोमुद्रा पर काम कर रही है जिसका इस्तेमाल वह भुगतान के लिये करेगी। इसके जरिये वह सबकुछ कर पायेगी जो क्रिप्टोमुद्रा स्टार्टप कंपनियाँ अबतक नहीं कर पायी हैं।

पेपाल पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली के साथ काम करती है और इसके जरिये लोग दुनिया में कहीं भी रहते हुये किसी को भी पैसे भेज सकते हैं। वहीं फेसबुक अपनी सभी एपों से पैसे भेजने-मँगाने का काम कर सकती है पर वह पारंपरिक व्यवस्था अपनाने के बजाय अपनी क्रिप्टोमुद्रा को लोगों के बीच लोकप्रिय करना चाहेगी।

इसके बारे में फेसबुक की तरफ से स्पष्ट बयान नहीं मिली है पर फेसबुक इसे अपनी संदेशी एप वाट्सेप में भी एकीकृत कर सकती है जिससे आप अपने सभी संपर्कों को पैसे भेज पायेंगे।

ब्लोकचैन आधारित भुगतान प्रणाली किसी केंद्रीय बैंक की कार्यशीलता पर निर्भर नहीं करती है जो भुगतान प्रक्रिया में लगने वाली समय और प्रभार को कम कर देती है।

पिछले महीने, आईबीएम ने अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन के लिये ब्लोकचैन आधारित अपनी भुगतान सेवा लांच किया था। इससे पहले शीर्ष अमेरिकी बैंक जेपी मोर्गन ने अपना सिक्का निकाला था जिसे जेपीएम कहा गया जो $1 अमेरिकी डोलर के समतुल्य है।

ब्लोकचैन प्रौद्योगिकी अभीभी सार्वजनिक मंचों से कोसों दूर है और इसकी वर्तमान हालत उन डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों जैसी ही है जो तयशुदा माहौल में काम कर रही हैं पर लोग इनके साथ काम करने से डर रहे हैं क्योंकि ऐसी कंपनियाँ भाग जाती हैं!!

ऐसे में, जब मुख्यधारा की कंपनियाँ इस अनुक्षेत्र में आयेंगी, तब लोगों का भरोसा इसपर बनेगा और तभी लोग बड़ी संख्या में इसमें दिलचस्पी लेंगे और इसका बहुतायत उपयोग होगा।

ब्लोकचैन का असली खेल तभी शुरु होगी जब फेसबुक जैसी दिग्गज कंपनियाँ अपना पत्ता खोलेंगी। ऐसे में इंतजार के सिवाय कुछ नहीं किया जा सकता है।

छवि स्त्रोत: Pexels

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