फेसबुक अपनी कृबु आवाजी सहायक विकसित कर रही है

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फेसबुक अपनी कृबु आवाजी सहायक का विकास कर रही है जो अमेजन की अलैक्सा, गूगल की गूगल असिस्टैंट और एपल की सिरी के माफिक काम करेगी।

सीएनबीसी ने कहा है कि 2018 की शुरुआत से ही वाशिंगटन में इस परियोजना पर काम चल रही है। इसका नेतृत्व इरा स्नाइडर कर रही हैं। हालाँकि इस कृबु आवाजी सहायक का क्या नाम होगा, इसपर चुप्पी रखी गयी है।

“हम आवाजी एवं कृबु सहायक प्रौद्योगिकियाँ विकसित कर रहे हैं जो हमारी पोर्टल, ओकुलस जैसी अन्य आवा/ओवा उत्पादों के साथ काम करेगी”, फेसबुक ने द भर्ज को भेजे बयान में कहा है।

पोर्टल एक संदेश-आधारित स्मार्ट डिस्प्ले उत्पाद है जिसे कंपनी ने पिछले वर्ष नवंबर में लांच किया गया था। इसमें अभी अमेजन की अलैक्सा काम कर रही है जिसकी कीमत $99 (~ ₹7000) है।

फेसबुक अपनी मैसेंजर सेवा में कृबु एकीकरणों व बोटों के साथ प्रयोग कर चुकी है जिसमें चैट-आधारित आभासी सहायक भी शामिल है। परंतु यह नयी परियोजना इस बात के लिये खास है कि यह पोर्टल स्मार्ट स्पीकर और ओकुलस रिफ्ट आवा हैडसेट जैसी हार्डवेर पर आजमायी जा रही है।

हालाँकि फेसबुक की इस घोषणा के साथ निजता का मुद्दा भी सिर उठाने लगी है जहाँ फेसबुक का रिकोर्ड पहले से खराब है और ऐसे में यह नयी घोषणा उसे अधिक परेशान कर सकती है। हालाँकि फेसबुक कार्यकारी ने कहा है कि वह अपनी व्यवसाय को इन सभी समस्या से उबार देंगे।

कंपनी की भावी योजना के मुताबिक, वह त्रिपक्षीय भेंडरों को भी अपनी कृबु आवाजी सहायक बेचेगी। इस तरह वह गूगल असिस्टैंट या अलैक्सा के साथ सीधी प्रतियोगिता का हिस्सा बन जायेगी।

हालाँकि दाँव का मजा तो तभी मिलेगी जब फेसबुक अपनी कृबु आवाजी सहायक मैदान में उतार देगी।

छवि स्त्रोत: Pixabay

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