फेसबुक लाइव वीडियो पर आंशिक प्रतिबंध लगा सकती है

facebook live video

जो हादसा न्यूजीलैंड में हुआ, इसकी ना सिर्फ भर्त्सना किया जाना नाकाफी है बल्कि तकनीक मीडिया इसे जघन्य अपराध मानती है।

क्राइस्टचर्च आतंकी हमले के बाद फेसबुक सीओओ शेरिल सैंडबर्ग ने न्यूजीलैंड की अखबार दि न्यूजीलैंड हैरल्ड को एक पत्र लिखा जिसे अखबार ने प्रकाशित किया है। कंपनी उच्चाधिकारी ने कहा है कि कंपनी क्राइस्टचर्च आतंकी हमले के दौरान हुयी फेसबुक गतिविधों पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई करने जा रही है।

इस पत्र में कंपनी ने अपनी तीन कदमों का हवाला दिया है जिनमें से एक कदम के तहत वह लाइव वीडियो को प्रतिबंधित कर सकती है। उन्होंने कहा कि फेसबुक ने इस घटना से जुड़ी 15 लाख वीडियो को हटाया है जिन्हें फैलाकर दुनियाभर में वैमनस्य का माहौल तैयार करने की कोशिश की गयी थी।

“अपलोड करते समय 12 लाख वीडियो को अवरुद्ध कर दिया गया था। कंपनी ने हमलावर का फेसबुक व इंस्टाग्राम खाता मिटा दिया है”, सैंडबर्ग ने लिखा।

फेसबुक ने अपनी तीन कदमों का उल्लेख किया है:

  1. कंपनी सामुदायिक मानकों के अनुसार तय करेगी कि कौन लाइव हो सकते हैं। और इसके लिये कंपनी अपनी प्रणाली में ऐसी संपदाओं को जोड़ेगी जो हिंसक वीडियो पहचान पायेगी, चाहे वे फर्जी ही क्यों न हो। अभीतक इस हमले की 900 अलग-अलग वीडियो कंपनी को मिल चुकी है।
  2. कंपनी अपनी मंच से हिंसा को बढ़ावा देने वाली हर सामग्री पर प्रहार करेगी। बकौल सैंडबर्ग, “कंपनी ने अबतक ऐसे कई संगठनों को हटा दिया है ताकि लोग फेसबुक पर इनकी हिंसक गतिविधियों से दूर रहेंगे और आगे भी ऐसा अभियान चलता रहेगा।”
  3. कंपनी न्यूजीलैंड में चार स्थानीय संगठनों को समर्थन दे रही है। इसके साथ उन्होंने दोहराया कि वह इस हमले में ओनलाइन साइट और सामध्यमा मंचों की भूमिका पर जाँच करने वाली आयोग के साथ हैं।

सैंडबर्ग के पत्र में इस बात का उल्लेख नहीं है कि लाइव वीडियो पर प्रतिबंध किस प्रकार लगाया जायेगा लेकिन गौर करें तो यह व्यक्तिवार होगा। यदि किसी व्यक्ति ने फेसबुक की सामुदायिक मानकों का उल्लंघन किया है, तो वह व्यक्ति लाइव वीडियो प्रसारित नहीं कर पायेंगे।

पिछले महीने, न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में आतंकी ने दो मस्जिदों पर हमला किया और फिर उसकी वीडियो बनाकर फेसबुक, यूट्यूब, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। हालाँकि प्रौद्योगिकी कंपनियों की सजगता ने इस वीडियो को फैलने से पहले ही रोक दिया।

लेकिन यह एक ज्वलंत मुद्दा ही रहेगी कि लोग ऐसी गतिविधि में क्यों रुचि लेते हैं??

छवि स्त्रोत: Unsplash

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