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फेसबुक कर्णाटक चुनाव के दौरान फर्जी खबरों की समीक्षा करायेगी

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कर्णाटक राज्य अगले महीने चुनाव की ओर रूख करने जा रही है और आप इस दौरान कई राजनीतिक सरगर्मियों से मिल रहे होंगे। हालाँकि यह एक शुद्ध तकनीकी मंच है इसीलिये हम इस चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी पहलुओं पर विमर्श करेंगे।

बिजनस स्टैंडर्ड की एक खबर के मुताबिक, फेसबुक अपने मंच पर फर्जी खबरों को दूर रखने के लिये किसी त्रिपक्षीय एजेंसी के साथ हाथ मिला चुकी है। फेसबुक की उद्घोषणा के अनुसार, वह चुनावी माहौल की सनसनीखेज खबरों से खुद को दूर रखना चाहती है। सामध्यमा दिग्गज ने बूम नामक स्वतंत्र डिजीटल पत्रकारिता के साथ पायलट कार्यक्रम की उद्घोषणा किया है जो राज्य के चुनावी माहौल में किसी फेसबुक पोस्ट की तथ्यपरक जाँच करेगी।

“बूम फेसबुक पर चिह्नित की गयी अंग्रेजी भाषा में डाली गयी पोस्ट की समीक्षा करेगी, उनके तथ्यों की जाँच करेगी और उनकी यथार्थता तय करेगी”, फेसबुक ने अपनी ब्लोगपोस्ट में कहा।

बूम (आँग्ल: BOOM) मुंबई आधारित एजेंसी है जो पिंग डिजीटल नेटवर्क का हिस्सा है। यह एक तथ्यजाँची सजाल है और बाजार में 2014 से अस्तित्व में है।

फेसबुक के अनुसार, कोई कहानी गलत पायी जाने पर, अल्गोरिदम उसकी वितरण को 80 प्रतिशत तक कम कर देगी। और इस तरह अफवाहों पर विराम लगाना आसान हो जायेगा। इसकी वजह से जो पृष्ठ और सजाल गलत खबरों को बढ़ावा देंगे, उनकी पहुँच घटती जायेगी।

फेसबुक पिछले चार महीनों से सिलसिलेवार तरीके से कभी निजता, तो कभी आँकड़ा चोरी या चुनाव को दुष्प्रभावित करने के आरोपों से शर्मसार हो रही है। और इस वक्त वह ऐसा कोई भी काम नहीं होना देना चाहेगी जो उसकी प्रतिष्ठा पर बट्टा लगा सकते हैं। ऐसे में वह अपनी सबसे बड़ी बाजार भारत में अमेरिका वाली भूल नहीं दोहराना चाहेगी।

कर्णाटक में 12 मई को चुनाव होगी और मतगणना 15 मई को होने वाली है।

छवि स्त्रोत: pexels

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