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दूरसंचार मंत्रालय मोबाइल क्लोनिंग पर चर्चा करेगी, जीएसएमए के साथ

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भारतीय दूरसंचार मंत्रालय वैश्विक संस्था जीएसएम संघ के साथ एक बैठक करने वाली है जिसमें दोनों पक्ष मोबाइल फोन की क्लोनिंग समस्या पर चर्चा करने वाले हैं। यह बैठक 17 अप्रैल को आयोजित होने वाली है।

इंडियन एक्सप्रैस के हवाले से खबर है कि दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने स्पैन में आयोजित मोबाइल वर्ल्ड काँग्रेस के दौरान इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने मोबाइल फोन की आईएमईआई संख्या के साथ हो रही छेड़छाड़ पर चिंता व्यक्त किया था। आईएमईआई एक 15-अंकीय विशिष्ट संख्या है जो हर मोबाइल उपकरण के पास होती है और जीएसएम संघ द्वारा प्रदान की जाती है।

दूरसंचार मंत्रालय सिम क्लोनिंग पर भी चर्चा करना चाहती है लेकिन इंडियन एक्सप्रैस के सूत्र बताते हैं कि फर्जी सिम का मुद्दा सुलझाने के लिये कई संस्थाओं के साथ काम करना होगा। सरकार सी-डोट के जरिये एक प्रणाली विकसित कर रही है। इसका नाम केंद्रीय उपस्कर पहचान पंजीकार (आँग्ल: सैंट्रल इक्विपमैंट आईडेंटिटी रजिस्टर) रखा गया है जो चोरी हो गयी या खो चुकी मोबाइल फोनों की सेवाओं को अवरुद्ध कर देगी।

यह सेवा तबभी काम करेगी जब सिम कार्ड बदल दिया जायेगा या उक्त हैंडसेट की आईएमईआई संख्या बदल दी जायेगी। यह सेवा सभी मोबाइल संचालकों की आईएमईआई आँकड़ी के साथ काम करेगी और सभी नेटवर्क संचालकों के लिये बतौर केंद्रीय प्रणाली की भूमिका निभायेगी।

दूरसंचार मंत्रालय और जीएसएमए (या जीएसएम संघ) इन कार्यक्रमों से जुड़ी पद्धतियों के साथ सर्वश्रेष्ठ तरीके से काम करने के लिये क्षमता निर्माण और ज्ञान साझीदारी पर रूपरेखा भी तैयार करना चाहेंगे।

छवि स्त्रोत: pexels

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