Ananya, ISRO

पूर्वोत्तर राज्यों में झंझावात से बचने के लिए इसरो की पूर्वोत्तर शाखा का अद्यप्रसारण

सिद्धार्थ बर्णवाल @Siddhu_Tak

पूर्वोत्तर अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र २०१५ से भारत की पूर्वोत्तर राज्यों में झंझावातों से बचने के लिए अद्यप्रसारण सेवायें प्रदान कर रही है। यह प्रणाली चार घंटे तक का पूर्वानुमान बताती है।

यह सेवा पहले इन्सैट-३डी/इन्सैट-डीडीअार उपग्रह इमेजर एवं साउंडर, स्वचालित मौसम स्टेशन के आँकड़ों और मौसम की सांख्यिक पूर्वानुमान आँकड़ों का विश्लेषण करती थी। चूँकि केवल आँकड़ों के उपयोग से पूर्वानुमान लगाना मुश्किल था क्योंकि ज्यादातर झंझावातों की घटना स्थानीय तौर पर दसेक किलोमीटर तक सीमित है।

लेकिन डोप्लर मौसम रडार के आने से झंझावातों का पूर्वानुमान लगाना आसान हो गया है।

पिछले साल मेघालय के चेरापुंजी में प्रथम एस-बैंड द्वैध ध्रुवणमापी (डुअल पोलारिमैट्रिक) डोप्लर मौसम रडार की स्थापना की गयी था। इस मौसम रडार का संचालन पूर्वोत्तर अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के हाथों में है। इन आँकड़ों को सार्वजनिक रूप से मोसडेक और आईएमडी की सजालों पर दिखाया जा रहा है।

डोप्लर मौसम रडार अपनी सेवा मेघालय, त्रिपुरा, दक्षिण असम, मिजोरम और मणिपुर में दे रही है। यह रडार मात्र ११ मिनटों में पूरे स्थानों को स्कैन करके आँकड़े इकट्ठा करती है। यह रडार इकट्ठा की गयी आँकड़ों में से झंझावात संबंधी आँकड़ों को गैर-झंझावाती आँकड़ों से पृथक करके अलग रखती है।

चेरापुंजी स्थित डोप्लर रडार ने 2017 के मानसून-पूर्व मौसम के दौरान इन सांख्यिक आँकड़ों का उपयोग करते हुए मेघालय, दक्षिणी असम और त्रिपुरा को प्रभावित करने वाली लगभग सभी झंझावातों को पहचानने में कामयाबी हासिल किया था।

इस डोप्लर की आँकड़ों के उपयोग ने मेघालय, दक्षिणी असम और त्रिपुरा राज्यों में होने वाली झंझावातों के अद्यप्रसारण की सटीकता में सुधार किया है। इसके पूर्वानुमान में 30 मिनट से 2 घंटे तक समयांतराल के साथ अद्यप्रसारण में 90% से अधिक सटीकता है। इसकी सेवायें एनईआर-डीआरआर सजाल के माध्यम से राज्य स्तर पर संबंधित विभाग को प्रत्यक्ष तौर पर दी जा रही है।

सौजन्य: इसरो, भारतीय मौसम विभाग

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