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गूगल कृबु में पेंटागन की मदद कर रही है

गूगल अमेरिकी रक्षा मंत्रालय को कुछ संपदाओं की मदद दे रही है जो किसी द्रोण की पायलट परियोजना से संबंधित है। यह द्रोण परियोजना कृत्रिम बुद्धिमता की उपयोग से द्रोण की फुटेज (चित्रण) का विश्लेषण करने हेतु है।

वर्ज के अनुसार, इस सहयोग की भनक सबसे पहले गिजमोडो को लगी जिसमें लिखा गया कि पिछले सप्ताह गूगल कर्मचारियों को आंतरिक मेल के जरिये यह सूचना साझा की गयी थी।

इसके बारे में साफ जानकारी नहीं मिल पायी है कि गूगल अमेरिकी रक्षा मंत्रालय को क्या प्रदान कर रही है लेकिन यह कार्य मावेन परियोजना से जुड़ी हुयी है। मावेन परियोजना पेंटागन की एक अनुसंधान पहल है जिसका उद्देश्य वीडियो फुटेज को बेहतर समझने के लिये संगणक दर्शन प्रौद्योगिकी विकसित करना है।

ऐसी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों में हो सकता है जहाँ चौकसी बढ़ाने की जरूरत पड़ती है और द्रोण की मदद से लक्ष्यों को भेदना पड़ता है। इसका इस्तेमाल सैन्य अड्डों में सीसीटीवी कैमरों को मस्तिष्क प्रदान करने में भी किया जा सकता है। इस प्रौद्योगिकी के उपयोग से बुनियादी वस्तुयें जैसे कार और लोगों की पहचान हो सकती है।

मावेन परियोजना पर पिछले साल कार्य शुरु हुआ था और जुलाई में परियोजना प्रमुख ने कहा था कि वह वाणिज्यिक भागीदार की खोज कर रही है। ऐसा प्रतीत होती है कि गूगल उन “भागीदारों” में से एक है।

छवि स्त्रोत: pexels.com

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