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यूरोपीय संघ गूगल जैसी खोजी इंजनों का नियमन कर सकती है

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यूरोपीय संघ बहुत जल्द गूगल और अन्य खोजी इंजनों को अपनी रैंकिंग अल्गोरिदम के बारे में अधिक सूचना प्रदान करने का आदेश दे सकती है।

वर्ज के अनुसार, फायनेंसियल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोपीय संघ ऐसा करके उनलोगों के लिये शिकायत प्रक्रिया शुरु कर सकती है जो मानते हैं कि उनकी वेबसाइट या किसी अंतर्जाल सामग्री को दुर्भावनापूर्वक कम रैंकिंग (वरीयता) दी गयी।

यह प्रस्ताव अभी अनिर्णित है जिसे प्रौद्योगिकी दिग्गजों और छोटे व्यापारियों के लिये तैयार किया गया है।

यूरोपीय संघ की एक आयोग ओनलाइन मध्यस्थता सेवाओं पर नियमन का मन बना रही है जिससे बड़ी कंपनियाँ अपनी प्रभावी स्थिति का दुरुपयोग नहीं कर पायेंगे। यह अभीतक स्पष्ट नहीं है कि आयोग इन सेवाओं को कैसे परिभाषित करेगी लेकिन यह तल्खी अब खोजी इंजनों तक पहुँच गयी है जिससे इसका दायरा अमेजन, एपल जैसी कंपनियों के साथ गूगल जैसी खोजी इंजन तक पहुँच गयी है जो अपने वेबसाइट के जरिये विकासकों और व्यापारियों के साथ काम करते हैं।

यूरोपीय नीतिकार सदस्य देशों पर निर्णय छोड़ने के बजाय इन कंपनियों को सीधे एक साँचे में लाना चाहते हैं ताकि ये प्रौद्योगिकी दिग्गज कारोबारी गतिविधियों में अनुचित कृत्य नहीं कर सकेंगे। कानूनी मसौदे के अनुसार, एपल और गूगल जैसी कंपनियाँ अपने व्यापारिक उपयोक्ताओं पर पाबंदियाँ लगाने की क्षमता रखते हैं और यूरोपीय प्राधिकरण यहाँ ऐसा करते समय रोड़ा लगाना चाहती है।

यदि यह मसौदा अनुमोदित हो जाती है, तब खोजी इंजनों को अपनी वरीयता अल्गोरिदम के विषय में अधिक पारदर्शी बनना पड़ेगा और उन्हें घोषणा करना पड़ेगा कि खोजी परिणामों में उच्चता दिखाने के लिये भुगतान करना कितना संभव है।

कई दफा ऐसा होता है कि कोई खोजी इंजन अपनी खोजी परिणामों से किसी कंपनी को बगैर जानकारी दिये हटा देती है और ऐसा अक्सर छोटी कंपनियों के साथ ही होता है जिनके पास कम संसाधन होते हैं। लेकिन इस मसौदे के कानून बनने के बाद कम-से-कम यूरोपीय व्यापारियों को इससे मुक्ति मिल सकती है और खोजी इंजनों को स्पष्ट शब्दों में वजह बताना होगा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।

पिछले साल, यूरोपीय आयोग ने सात साल तक चली भरोसाविरोधी जाँच के बाद गूगल पर 2.4 बिलियन यूरो (~ ₹192 अरब) का जुर्माना लगाया था। गूगल पर आरोप था कि उसने प्रतिद्वंद्वियों पर अपनी शोपिंग सेवा को प्राथमिकता दिया। गूगल अभीभी जुर्माना खारिज करने के लिये अदालत की चौहद्दी में है।

छवि स्त्रोत: pexels.com

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