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अस्ट्रेलिया में झूठी गति के विज्ञापन हेतु अंतर्जाल प्रदाताओं पर जुर्माना लगेगा

अस्ट्रेलियाई सरकार एक विधेयक लाने पर विचार कर रही है जिससे अंतर्जाल सेवा प्रदाता कंपनियाँ उच्च अंतर्जाल गति का झूठा दावा नहीं कर सकेंगी और इनके मिथ्या विज्ञापन को अवैध करार दिया जायेगा।

इस प्रस्तावित कानून के मुताबिक, अंतर्जाल गति के बारे में मिथ्या फैलाने पर कंपनियों को जुर्माना देना होगा जो 10 लाख अस्ट्रेलियाई डोलर तक हो सकती है। यह विधेयक संसद सदस्य एंड्रू विल्की ने इसी सप्ताह पेश किया।

बकौल एंड्रू, लोगों को डायलप गति से भी बदतर सेवा मिल रही है जबकि उनसे सबसे तेज अंतर्जाल गति का वादा किया जाता है। उन्हें वादानुरुप अंतर्जाल गति नहीं मिलना सरासर गलत है। उन्होंने यह बात मदरबोर्ड से कहा।

यह कानून अंतर्जाल गति के प्रति अंतर्जाल प्रदाता कंपनियों को अधिक पारदर्शी होने का आदेश दे सकेगी। इससे कंपनियाँ औसत उपयोक्ता को मिल रही गति बतायेंगे जब अंतर्जाल यातायात (इंटरनेट ट्राफिक) अधिक व्यस्त होने की संभावना होगी और वे ऐसा करते वक्त सेवा को प्रभावित करने वाली सभी कारकों को तालिकाबद्ध करेंगे।

पिछले नवंबर में यूनाइटेड किंगडम ने भी अंतर्जाल गति से संबंधित विज्ञापन नियमन लाया था जो ब्रोडबैंड प्रदाता को उच्च गति के बजाय औसत गति दर्ज करने पर बल देती है।

लेकिन भारत में यह समस्या यथावत है जहाँ उपभोक्ताओं को झूठी विज्ञापनों के जरिये बताया जाता है कि उन्हें अमुक कंपनी से सबसे तेज अंतर्जाल गति मिलेगी लेकिन हकीकत उससे परे रह जाती है। हालाँकि दूरसंचार नियामक ट्राई की माई स्पीड पहल से इसपर लगाम कुछ हद तक लगी है।

छवि स्त्रोत: pexels.com

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