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माइक्रोसोफ्ट कृत्रिम बुद्धिमता का उपयोग करके हिंदी, बंगला और तमिल में अनुवाद को बेहतर बनायेगी

microsoft ceo shri satya nadela

माइक्रोसोफ्ट ने घोषणा की कि वह हिंदी, बंगला और तमिल में वास्तवकालीन भाषानुवाद के लिये कृत्रिम बुद्धिमता (कृबु) और गहरी तंत्रिका नेटवर्क का उपयोग करेगी।

गहरी तंत्रिका (डीप न्यूरल) नेटवर्क-समर्थित भाषानुवाद से परिणाम यथार्थ और अधिक प्राकृतिक होने लगेगी।

सुंदर श्रीनिवासन, महाप्रबंधक, कृबु एवं अनुसंधान, माइक्रोसोफ्ट भारत के अनुसार, भारत में सूचना की सुगमता सुनिश्चित करने हेतु मशीन लर्निंग प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना बेहतर होगा। भारत बहुभाषी है और इस विशेषता को अंतर्जाल (इंटरनेट) तक पहुँचाने की जरूरत है।

इस तरह आप माइक्रोसोफ्ट एज ब्राउजर, बिंग खोज, बिंग अनुवाद सजाल और माइक्रोसोफ्ट ओफिस 365 उत्पाद जैसे वर्ड, एक्सल, पावरपोइंट, आउटलुक और स्काइप पर गहरी तंत्रिका नेटवर्क-संवर्धित भारतीय भाषानुवाद की सुविधाओं का लाभ ले पायेंगे।

माइक्रोसोफ्ट अनुवाद एप अब एंड्राएड और आईओएस में पाठ (लेख), वाक् (बोली) और तस्वीरों से भी भाषा पहचानकर अनुवाद कर सकती है।

वर्ष 2000 से पहले से, माइक्रोसोफ्ट पारंपरिक सांख्यकीय मशीन अनुवाद के जरिये भारतीय सहित कई वैश्विक भाषाओं की अगुवाई कर रही है। अब इस प्रक्रिया में गहरी तंत्रिका नेटवर्क के जुड़ने से भारतीय भाषाओं के अनुवाद में अधिक शुद्धता आ सकेगी।

सांख्यकीय अनुवाद द्वारा किसी शब्द को स्थानीय संदर्भ में कुछ शब्दों की मदद से अनूदित कर दिया जाता है परंतु गहरी तंत्रिका नेटवर्क के पास अधिक अवधारणायें होती हैं, जैसे लिंग (पुलिंग, स्त्रीलिंग, या स्वतंत्र), विनम्रता स्तर (बोल, आकस्मिक, लिखित, औपचारिक),और शब्द प्रकार (क्रिया, संज्ञा, विशेषण)। यथार्थ अनुवादों हेतु, प्रणाली को हर भाषा गुच्छे में करोड़ों समांतर वाक्यों की जरूरत होती है जो कई क्रमचयों और संयोजनों में होती है।

“6 भारतीय भाषायें जनसंख्यानुसार शीर्ष 20 वैश्विक भाषाओं में शामिल है। आश्चर्य की बात यह है कि इनमें से कोई भी डिजीटल सामग्री तालिका के शीर्ष पर नहीं है। अंतर्जाल पर पर्याप्त सामग्री नहीं है जिनका उपयोग हम प्रणाली को प्रशिक्षित करने में कर सकते हैं।”, कृष्ण दोस मोहन, वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक, माइक्रोसोफ्ट भारत ने कहा। मोहन उस दल के भाग हैं जो भारतीय भाषाओं पर कार्यरत है।

इन व्यवधानों के बावजूद, गहरी-तंत्रिका नेटवर्क समर्थित अनुवाद प्रणालियों ने स्वचालित और मानव मूल्यांकन पैमानों में सार्थक समुन्नति दिखायी है।

बकौल कंपनी, वह माइक्रोसोफ्ट समर्थित भाषाओं के अनुवाद गुणवत्ता में 20 प्रतिशत समुन्नति (सुधार) देख रही है।

भाषावरोध तोड़ने के लिये, माइक्रोसोफ्ट ने दो दशक पूर्व भारतीय भाषाओं पर काम शुरु किया और 1998 में प्रोजेक्ट भाषा लांच किया। यह परियोजना भारतीय भाषाओं में त्वरित संगणना पर बल देती है।
“हम लंबा सफर तय कर चुके हैं – संविधान-सम्मत 22 भाषाओं को हमारे उत्पादों में पाठ प्रविष्टि समर्थित करके और 12 भाषाओं में विंडोज इंटरफेस समर्थन।”, कंपनी ने जोड़ा।

भाषाइंडिया (Bhashaindia.com) भारतीय भाषाओं हेतु संगणना औजार प्रदान करती है जिसे अबतक 4 करोड़ आगंतुक मिल चुके हैं।

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