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बिटकोइन और अन्य क्रिप्टोमुद्राओं पर भारत सरकार का रूख साफ नहीं

बिटकोइन जैसी क्रिप्टोमुद्राओं पर दुनियाभर में बहस का दौर जारी है पर बिटकोइन की दुनिया को इससे कोई लेना-देना नहीं है।

बिटकोइन का प्रचलन और माँग जिस तरह बढ़ी है, उसी तरह दुनियाभर की सरकारों की नजर गिद्ध की तरह हो गयी है जो फूँक-फूँककर इस मामले में कदम उठाने की सोच रही है। दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थायें इसपर विमर्श कर रही हैं कि बिटकोइन और दूसरी सभी क्रिप्टोमुद्राओं को किस तरह कानूनी फंदे में लाया जाये। ऐसे में भारत का रूख साफ अवश्य होना चाहिये।

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने हालिया अपने बजट भाषण में कहा कि भारत में बिटकोइन पार्टी खत्म हो रही है क्योंकि क्रिप्टोमुद्राओं के दाम घट रहे हैं।

लेकिन यह पूरी कहानी नहीं है। वित्तमंत्री ने क्रिप्टोमुद्राओं पर जरूर बोला था लेकिन इसपर तत्काल प्रतिबंध की वकालत करने से बचते दिखे। भारत सरकार की क्रिप्टो नियमन योजना अभीभी अधर में है। हालाँकि, अप्रैल में एक कमेटी बनायी गयी थी जो क्रिप्टो मामले में अपनी रिपोर्ट जमा करेगी। इस कमेटी ने अबतक कोई रिपोर्ट पेश नहीं किया है जिसकी वजह से अफवाहों की सरगर्मियाँ जोरों पर है।

बजट भाषण में जेटली का क्रिप्टोमुद्राओं पर वक्तव्य:

वितरित लेजर प्रणाली (डिस्ट्रिबुटेड लेजर सिस्टम) या ब्लोकचैन प्रौद्योगिकी बिना मध्यस्थता के चैन संगठनों को रिकोर्ड या ट्रांजैक्शन की अनुमति देती है। सरकार क्रिप्टोमुद्राओं को वैध नहीं मानती है और भुगतान प्रणाली या वित्तीय गतिविधियों में क्रिप्टो-संपत्तियों की भागीदारियों को कम करने के लिये उचित कदम उठायेगी। सरकार सक्रियतापूर्वक डिजीटल अर्थव्यवस्था में ब्लोकचैन प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाने हेतु तरीके ढूंढेगी।

एक बात साफ है कि जेटली ब्लोकचैन प्रौद्योगिकी के बारे में सकारात्मक हैं और वह ब्लोकचैन और क्रिप्टोमुद्राओं के अंतर को स्पष्ट करते हैं –– जो वाकई रोचक है।

भारत सरकार ने दिसंबर में ही क्रिप्टोमुद्राओं को अवैध करार दिया था। क्रिप्टोमुद्राओं से संबंधित वित्तीय गतिविधियों पर सभी सरकारें यही बोलेंगी लेकिन उनके वक्तव्य की दूसरी वाक्य में वह भुगतान प्रणाली का जिक्र करते हैं जो प्रतिबंध से संबंधित सुझाव है। किंतु यह भी तय नहीं है।

मंत्रीजी का इरादा क्रिप्टोमुद्राओं पर ठंडा पानी फेरने का है जिससे किसी को कोई एतराज नहीं होगा।

पर भारत में बिटकोइन और क्रिप्टो कैसे नियमित होगी? देखना वाकई दिलचस्प होगा।

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