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डाई विद मी एप से आप तभी गपशप कर सकेंगे जब आपकी फोन की बैटरी 5% पर होगी

जब आपकी जान मोबाइल फोन की बैटरी पर अटक जाती है, तब आप इस एप का अनुभव लेना पसंद करेंगेस्त्रोत: टेकक्रंच

हम सभी अपने स्मार्टफोनों के साथ अजीबोगरीब दोस्ताना बना चुके हैं जिसे आप मोबाइल की लत भी कह सकते हैं। और अब हमारे जैसे लोगों के लिये एक एप आ चुकी है जो तभी चालू होती है जब आपके फोन की बैटरी 5 प्रतिशत पर होती है।

यह एक चैट एप है: डाई विद मी (एपल एपस्टोर तथा एंड्राएड कड़ी) एक (भुगतान) एप है जिसे आप चैटिंग के लिये तभी उपयोग कर पायेंगे जब आपकी फोन की बैटरी 5 प्रतिशत या उससे कम पर होगी।

इसके सह-रचनाकार ड्राइस डिपूर्तर के अनुसार, यह एप एक कलात्मक परियोजना है — इस एप को रूप देने में अहम कलाकार और इनके साथ डेविड सर्प्रेनेंट, बतौर वेब डेवलपर (विकासक) हैं।

यह संभव है कि ये दोनों लोग तकनीकी लत की समाधान पर काम करते दिख रहे हैं – ऐसे एप जो किसी खास और सीमित विशिष्टताओं के साथ काम करते हैं।

ऐसे समय जब कुछ एपों को चालू नहीं किया जा सकता – डिवाइसों (उपकरणों) के प्रबंधन में आसान ओएस विशेषता बन सकती है।

पर एक बैटरी-बद्ध चैट एप ही क्यों? ये डाई विद मी के विचार पर कैसे आ पाये?

“मैं प्रौद्योगिकी पर कार्यरत एक कलाकार हूँ। मेरे अधिकतर काम चौकसी, सोशल मीडिया और निजता से संबंधित हैं। मैं हमेशा प्रौद्योगिकी को ध्यान में रखकर नये विचारों का सूत्रपात करता हूँ जिनमें से एक है – फ्लैगिंग। फ्लैगिंग एक लोटरी टिकट वेंडिंग मशीन है जहाँ आप अपने ट्विटर और इंस्टाग्राम खाते के लिये 25 हजार नकली अनुयायी (फोलोअर) तक जीत सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि वह शहर में कई दफा गुम हो गये थे जब उनकी फोन की बैटरी खत्म हो जाती थी और इसकी वजह से वे अपने होटल तक पहुँचने का रास्ता नहीं ढूँढ पाते थे। वह जोड़ते हैं कि उनसभी ने ऐसे हालातों का सामना किया होगा जिनके पास कोई स्मार्टफोन है। “मेरे लिये यह लम्हा प्रेरणास्पद थी।”

“बतौर डिजीटल कलाकार, मैं इस भावना के साथ कुछ करना चाहता था। मेरे दिमाग में लंबे समय से यह तकनीक थी कि आप यह एप तभी उपयोग कर पायेंगे जब आपकी बैटरी 5% से कम होगी।”

“पर मैं नहीं जानता था कि एप को कैसे रुचिपूर्ण बनाया जाये। बाद में मैंने सोचा कि इसे एक सार्वजनिक चैट रूम (गपशप कक्ष) की शक्ल दी जाये।”

ये कैसे जानते थे कि यह विचार स्मार्टफोन उपयोक्ताओं को रास आयेगी?

“मैं सोचता हूँ कि ऐसे एप मौजूद नहीं हैं और यही एक अहसास भी है जिससे सभी जुड़ना चाहेंगे। अपने अनुभवों को कम बैटरी का अहसास कराना यही दर्शाती है कि आप प्रौद्योगिकी पर आश्रित हैं”, उन्होंने कहा।

आपको इसके आईओएस (या एंड्राएड) एप को डाउनलोड करने के लिये $0.99 (करीब ₹65) का भुगतान करना होगा जो इस परियोजना की सर्वर व्यय (खर्च) है। आपको फोन के 5 प्रतिशत पर होने का इंतजार करना होगा और तभी आप एप में उपनाम (निकनैम) डाल पायेंगे और इसके सार्वजनिक गपशप प्रणाली का उपयोग कर पायेंगे।

इस बिंदु पर, आपके पास औसतन 4 मिनट का गपशप समय होगा – आपकी उपकरण और बैटरी पर निर्भर – और यह तबतक जुड़ी रहेगी जबतक आपकी मोबाइल चालू (0% तक) रहेगी। (आप इससे जुड़े रहने के लिये किसी बैटरी पैक से छोटी मात्रा में मोबाइल को करते रह सकते हैं ताकि वह चालू भी रहे और 5 प्रतिशत से ऊपर न जाये।)

इन्होंने 5% कैसे तय किया?

“हमने संतुलन ढूँढना चाहा ताकि आप एप का उपयोग कर सके परंतु आप उस वक्त तनाव में भी होंगे। और हम आईफोन के बारे में जानते हैं कि वह 10% से कम होने पर कभीभी बंद हो जाती है”, डिपूर्तर ने कहा।

“अधिकतर समय इस गपशप कक्ष में करीबन 30 लोग होते हैं”, वह जोड़ते हैं। “वे जाते हैं और नये लोग आते हैं। कभी-कभी यह ज्यादा समय ले सकती है क्योंकि कुछ फोनों की बैटरी पूर्वानुमान सही नहीं होती है। हमने देखा है कि लोग कुछ नुस्खों का प्रयोग करते दिखे ताकि वे ज्यादा समय रह सके।”

यदि आप कम बैटरी के साथ अकेले बंदे हैं तो आप पिछली संदेशों को पढ़कर नये संक्रामी उपयोक्ताओं के लिये संदेश छोड़ सकते हैं।

सभी संदेश अच्छे नहीं होंगे क्योंकि इसमें बेनामी लोग शामिल होते हैं। यह कुछ ऐसा ही है जैसे आप किसी सार्वजनिक प्रसाधन में इधर-उधर कुछ भद्दी नक्काशियाँ या कुछ गाली-गलौज देखते हैं। कुछ कहते हैं कि एप लाजवाब है।

डिपूर्तर कहते हैं कि उनका अबतक का पसंदीदा चैट संदेश है:

यह एप जीवन की तरह है, नये लोग आते हैं, चले जाते हैं और आप उनको भूल जाते हैं तथा जब आप चले जाते हैं, आप भूला दिये जाते हैं।

उनका पसंदीदा वार्तालाप है:

  • Malk (4%): मैं उदास हूँ। मुझे सुबह में अलार्म घड़ी की जरूरत है ताकि मैं जब बंद हो जाऊँ, तब मुझे चार्ज होने के लिये प्रतीक्षा करनी पड़ेगी और फिर चालू हो जाऊँगी
  • Pablo (3%): मत भूलना!
  • Malk (4%): ठीक
  • Pablo (3%): मैं नहीं चाहता कि तुम कल का काम भूल जाओ!
  • Malk (4%): मैं कुछ नहीं कर सकता

यह डाई विद मी एप लंबे समय तक रहेगी (और वे इसे बढ़ते देखना चाहेंगे) या इस कलात्मक परियोजना का विचार अल्पकालिक ही रहेगी — या यह एप निकट भविष्य में अस्तित्वहीन हो जायेगी।

इसपर डिपूर्तर सीधे जवाब नहीं देते हैं पर वह इतना कहते हैं कि वे इसकी अद्यतनों (अपडेट) पर काफी मेहनत कर रहे हैं। इसके साथ जोड़ते हैं कि वे सबकुछ नहीं बोल सकेंगे पर अद्यतन जल्द उपलब्ध करायेंगे।

इनकी बातों को ध्यान से समझे तो वह इसके प्रति उत्साहित हैं और प्रस्थान की योजना से दूर हैं। हालाँकि, शब्द अंदाजन ही होते हैं।

स्त्रोत: टेकक्रंच

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