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शी जिनपिंग के सत्ता में बने रहने के बीच चीन में अंतर्जाल पर आंशिक पाबंदी

इस सप्ताह चीन में शी जिनपिंग के तीसरे कार्यकाल को मिली मंजूरी से वहाँ पर अंतर्जाल पर प्रतिबंध का दौर फिर शुरु हो सकती है।

चीनी वेबकार वहाँ अंतर्जाल उपयोक्ताओं पर नियमों के हथौड़े चलाने की तैयारी कर रहे हैं। यह हालिया कोशिश चीनी माओवादी पार्टी द्वारा की गयी संविधान संशोधन के फलस्वरुप की गयी है।

चीनी माओवादी पार्टी ने संविधान संशोधन करके शी जिनपिंग को आजीवन राष्ट्रप्रमुख बने रहने की छूट दे दी है। इससे पहले वहाँ कोई व्यक्ति दो पंचवर्षीय कार्यकालों के लिये राष्ट्रपति बने रह सकते थे।

चीनी संविधान में इस तत्व का प्रावधान तीस वर्ष पहले माओ की तानाशाही दोहराने से बचने के लिये किया गया था। इस प्रावधान को हटा देने से चीनी नागरिक अंतर्जाल पर आक्रोशित दिख रहे हैं। चीनी जनता शी के बढ़ते प्रभुत्व और चीन में अभिव्यक्ति की आजादी में ह्रास किये जाने से भी चिंतित हैं।

इससे पहले शी के कई ओनलाइन उपनामों को चीनी माइक्रोब्लोगिंग सजाल वीइबो द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था। वीइबो चीन में ट्विटर की समरूप सजाल है।

अमेरिका स्थित चीन डिजीटल टाइम्स के अनुसार, वीइबो ने उपयोक्ताओं को संदेश डालने से और कुछ खोजी शब्दों को भी प्रतिबंधित कर दिया है। चीनी में संदेश लिखने पर एक सूचना दिखायी जा रही है: “यह सामग्री वीइबो की सेवा शर्तों या प्रासंगिक कानून और नियमन का उल्लंघन करती है।”

वीचैट एप पर भी ऐसी खबरें आ रही हैं कि कुछ उपयोक्ताओं को प्रतिबंधित कर दिया गया है या उनके द्वारा साझा की गई सामग्री के आधार पर उनपर पाबंदी लगा दी गयी है।

छवि स्त्रोत: pexels.com

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