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2020 तक 100 करोड़ स्मार्टफोन फैशियल पहचान से लैस होंगे: काउंटरपोइंट रिसर्च

सुर्खियाँ

  • एपल, सैमसंग मिलकर दूसरी कंपनियों को मदद देंगे
  • फैशियल पहचान फोन खोलने (अनलोक) के लिये मानक बन सकती है
  • 2020 तक 60 प्रतिशत स्मार्टफोनों में इसके लिये 3डी प्रौद्योगिकी का उपयोग होगी

एपल और सैमसंग अपनी फैशियल (चेहरा) पहचान प्रौद्योगिकी अन्य मोबाइल विनिर्माताओं के साथ साझा करेंगे ताकि वे अपने उपकरणों में यह विशेषता जोड़ सके। इस संभावना के मद्देनजर एक आँकड़ा आयी है जो कहती है कि 2020 तक 100 करोड़ (1 बिलियन) स्मार्टफोनों में चेहरे से मोबाइल खोलने की विशेषता शामिल हो जायेगी।

काउंटरपोइंट रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसके कारण मोबाइल खोलने (ताला खोलने) के लिये पासवर्ड या पिन की जरूरत नहीं रह जायेगी। इसके अलावा फिंगरप्रिंट सैंसर भी अनुपयोगी हो जायेगी। इस तरह मोबाइल फोन को खोलने के लिये यह विशेषता मानक बन जायेगी।

“कम कीमतों की मोबाइल फोनों में फैशियल पहचान प्रौद्योगिकी को शामिल करना सहज होगा क्योंकि एंड्राएड मंच पर 2डी फैशियल पहचान मूलतः उपलब्ध है”, काउंटरपोइंट रिसर्च के वरिष्ठ विश्लेषक पावेल नैया ने कहा।

“तबभी, हमारे आकलन के अनुसार, 2020 तक सभी स्मार्टफोनों में से 60 प्रतिशत चेहरा पहचान के लिये 3डी प्रौद्योगिकी का उपयोग करेंगे। यहाँ ओगमैंटेड वास्तविकता, आभासी वास्तविकता और कृत्रिम बुद्धिमता जैसी बढ़ती प्रौद्योगिकियों का समावेश होगा”, उन्होंने जोड़ा।

जब सुरक्षा और सुविधा के सिलसिले में जैवमिति (बायोमैट्रिक्स) के बारे में सवाल पूछा गया तो फर्म ने पाया कि अधिकतर उपभोक्ताओं के लिये सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण सुविधा है।

बकौल पीटर रिचर्डसन, ऐसे हालात आयेंगे जब स्मार्टफोन की तरफ सीधे देखना अजीब लगेगा जब आप किसी भीड़भाड़ वाली सड़क से गुजर रहे होंगे। पीटर फर्म के अनुसंधान निदेशक हैं।

“यहाँ फिंगरप्रिंट सैंसर अधिक सुविधाजनक होगी और तुरंत काम करेगी क्योंकि आपको तब उपकरण पर सीधे देखने की जरूरत नहीं होगी और आप अपने जेब या बैग से निकालने के दौरान खोल लेंगे”, रिचर्डसन ने जोड़ा।

फेस-आईडी (चेहरा पहचान) ऐसी अप्लिकेशनों के लिये है जिन्हें उच्चतर सुरक्षा की जरूरत होती है, जैसे मोबाइल भुगतान और जहाँ आपको जल्दबाजी नहीं होती है। ऐसे मामलों में, उपभोक्ता थोड़ी प्रतीक्षा करना पसंद करेंगे जब बदले में उन्हें बेहतर सुरक्षा मुहैया करायी जायेगी”, रिचर्डसन ने कहा।

हालाँकि कंपनियाँ संपर्कहीन प्रमाणीकरण पर कार्य कर रही हैं, बड़ी स्क्रीन की उपकरणों को ध्यान में रखते हुये। इसपर काउंटरपोइंट रिसर्च का कहना था कि फिंगरप्रिंट सैंसर फिलहाल गायब नहीं होने वाली है। काउंटरपोइंट की कंपोनैंट ट्रैकर का आकलन है कि 2018 में 1 बिलियन से अधिक निर्यातित स्मार्टफोन फिंगरप्रिंट सैंसर से लैस होंगे।

छवि स्त्रोत: techcrunch

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