Ananya

जियो लाभदायक हुयी, उपयोक्ता आधार 160.1 मिलियन पहुँची

सुर्खियाँ

  • जियो की एआरपीयू ₹154 प्रति सब्सक्राइबर प्रति महीने
  • जियो की कुल वायरलेस (बेतार) ट्राफिक 4.31 बिलियन गीगाबाइट
  • जियो की कुल आवाज ट्राफिक 311.13 बिलियन मिनट

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को अपनी वित्तीय व संचालनीय प्रदर्शन पर तीसरी तिमाही (वित्त वर्ष 2017-18) के परिणामों की उद्घोषणा की। इसमें जिक्र है कि रिलायंस जियो इन्फोकोम ने संचालन आरंभ करने के 18 महीनों के भीतर लाभ अर्जित करना शुरु कर दिया था। मुकेश अंबानी की कंपनी ने कहा कि दिसंबर तिमाही में उनकी डिजीटल सेवा बिजनस ने ₹504 करोड़ की शुद्ध मुनाफा कमाया जो राजस्व के साथ ₹6,879 करोड़ है। जियो के पास 31 दिसंबर, 2017 तक 160.1 मिलियन का विशाल सब्सक्राइबर आधार है।

जियो ने बताया कि उसकी एआरपीयू (औसत राजस्व प्रति उपयोक्ता) ₹154 प्रति सब्सक्राइबर प्रति महीने है और ग्राहक कम होने की दर 1.4 प्रतिशत है जो उद्योग में सबसे कम है।

रिलांयस की स्वामित्व वाली दूरसंचार संचालक के पास साझा करने के लिये अन्य सांख्यिकी भी थे। इस अवधि में 4.31 बिलियन गीगाबाइट (या 9.6जीबी प्रति सब्सक्राइबर प्रति महीने) की कुल बेतार ट्राफिक देखी गयी जिसमें वीडियो उपभोग 2 बिलियन घंटे (प्रति महीने) पार कर चुकी है। इस तिमाही में, रिलायंस जियो को 311.13 बिलियन मिनट (694 मिनट प्रति उपयोक्ता प्रति महीने) की कुल आवाज ट्राफिक मिली।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा कि सब्सक्राइबर आधार में हुयी बढ़ोतरी जियोफोन की लांच के बाद तेज हुयी है जिससे जियो डिजीटल सेवाओं की पहुँच साधारण फोन उपयोक्ताओं तक पहुँच गयी है। रिलायंस रिटेल लिमिटेड डिजीटल जीवन जीने की भारतीयों की बढ़ती आकांक्षाओं के मद्देनजर जियोफोन की आपूर्ति करने में सक्षम है।

क्या आप जानते हैं कि आपके द्वारा पढ़ा गया यह पोस्ट हजारों को प्रेरित करने वाली है? यदि इसका जवाब सकारात्मक है तो आप अपने वही विचार यहाँ भी दे सकते हैं।