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जेम्स डेमोर को कंपनी से निकालने का गूगल मुखिया सुंदर पिचई को पछतावा नहीं

गूगल सीईओ सुंदर पिचई ने जेम्स डेमोर प्रकरण पर अपनी राय रखा। उन्होंने कहा कि उन्हें इस निर्णय का पछतावा नहीं है। उन्हें इस बात का पछतावा है कि लोगों ने इसे राजनीति-प्रेरित घटना मान लिया। उन्होंने यह वक्तव्य एक जीवंत वार्तालाप (लाइव वार्तालाप) में दिया। पिचई ने कहा कि डेमोर को निकालकर यह सुनिश्चित किया गया कि गूगल महिलाओं को अच्छा वातावरण देने के लिये प्रतिबद्ध है।

डेमोर, जिन्हें अगस्त में उनके आंतरिक मेमो के वाइरल होने के बाद कंपनी से निकाल दिया गया था, ने पिछले महीने गूगल के खिलाफ मुकदमा दायर किया जिसमें गूगल द्वारा श्वेत संरक्षणवादियों के साथ भेदभाव किये जाने का आरोप है। डेमोर की मेमो का सार यह था कि गूगल की विविधता प्रयत्न अस्थिर है और महिलायें जैविक रूप से प्रौद्योगिकी उद्योग में अभियांत्रिकी (इंजीनियरिंग) एवं कार्यक्रमण (प्रोग्रामिंग) की नौकरियों हेतु अयोग्य हैं और गूगल संरक्षणवादियों (पुरातनपंथी पढ़िये) के लिये खराब वातावरण बना रही है।

मेमो के जवाब में पिचई ने अगस्त में कहा था कि डेमोर ने कार्यस्थल में लिंगभेदी कुठाराघात डालकर सीमा लांघ दिया और खुद को कंपनी से निकालने पर मजबूर कर दिया। किसी सहकर्मचारियों की समूह के बारे में कहना कि वे जैविक रूप से वहाँ काम करने योग्य नहीं हैं, खतरनाक है और यह सही बात नहीं है।

ताजा मुकदमे के जवाब में गूगल प्रवक्ता ने पिछले महीने कहा कि हम न्यायालय में जेम्स डेमोर की आरोपों से अपना बचाव करने को तैयार हैं।

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