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सैमसंग और एपल 2017 के शीर्ष सेमीकंडक्टर खरीदार: गार्टनर

सुर्खियाँ

  • 2017 में सैमसंग, एपल ने ₹5.2 लाख करोड़ का सेमीकंडक्टर खरीदा
  • सैमसंग ने सेमीकंडक्टर पर खर्च 37.2 प्रतिशत बढ़ाया
  • 2016 के शीर्ष 10 सेमीकंडक्टर खरीदारों में से 8 ने 2017 की शीर्ष 10 तालिका में जगह बनायी

कुल वैश्विक बाजार की साढ़े 19 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हुये, सैमसंग और एपल 2017 के शीर्ष दो सेमीकंडक्टर (अर्द्धचालक) चिप खरीदार हैं, मार्केट अनुसंधान फर्म गार्टनर ने गुरुवार को कहा। फर्म की रिपोर्ट कहती है कि 2017 में सैमसंग और एपल ने करीब ₹5.2 लाख करोड़ मूल्य का सेमीकंडक्टर खरीदा जो 2016 की खरीदी से ₹1.27 लाख करोड़ अधिक है।

2017 में, सैमसंग ने खर्च 37.2 प्रतिशत बढ़ाया और करीबन ₹2.74 लाख करोड़ खर्च किया। एपल की सेमीकंडक्टर खर्च 27.5 प्रतिशत बढ़ी और ₹2.46 लाख करोड़ पहुँच गयी है। उल्लेखनीय है कि ये दोनों कंपनियाँ 2011 से शीर्ष स्थानों पर काबिज हैं।

सैमसंग और एपल की सतत वृद्धि के साथ, गार्टनर की रिपोर्ट कहती है कि 2016 के शीर्ष 8 खरीदारों ने 2017 की इस तालिका में जगह कायम रखी है जिसमें शीर्ष 5 चिप खरीदार उसी स्थान पर हैं। एलजी इलेक्ट्रोनिक्स शीर्ष 10 तालिका में दोबारा आयी। इसके साथ वेस्टर्न डिजीटल भी जुड़ी जिसने लगभग ₹10,800 करोड़ सेमीकंडक्टर पर खर्च किया। चीन की बीबीके इलेक्ट्रोनिक्स, ओप्पो, वनप्लस व वीवो की मूल कंपनी, इस तालिका में एक पायदान ऊपर पहुँचकर छठी स्थान पर आ गयी जिसकी सेमीकंडक्टर खर्च लगभग ₹36,200 करोड़ रही।

गार्टनर कहती है कि डीरैम और नैंड फ्लैश मेमोरी की कीमतों में आयी बढ़ोतरी ने 2017 की कुल सेमीकंडक्टर खरीदारों की वरीयता को खासा प्रभावित किया है। इसी तरह, अन्य चिपों की कीमतों में हुयी बढ़ोतरी ने आपूर्तिकर्ताओं को मुनाफा पहुँचाया है तो ओईएम प्रदाताओं के लिये चुनौती भी पेश कर दी है।

सनद रहे कि हुवाई और सैमसंग जैसी कंपनियों ने अपना सिलिकन समाधान लाया जिसने क्वालकोम और मीडियाटेक द्वारा विकसित चिप की माँग को कम किया। गार्टनर अनुमान लगाती है कि यह चलन 2021 तक चलेगी और तब शीर्ष 10 ओईएम, वैश्विक सेमीकंडक्टर खर्च की 45 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदार होंगे।

इससे पहले, गार्टनर ने रिपोर्ट किया था कि सैमसंग 2017 में 14.6 प्रतिशत साझेदारी के साथ इंटेल को पछाड़ते हुये वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार में शीर्ष खिलाड़ी बनी। दक्षिण कोरियाई कंपनी की वृद्धि की अहम वजह नैंड और डीरैम फ्लैश चिपों की कीमतों में हुयी बढ़ोतरी है। नैंड फ्लैश की कीमतें साल-दर-साल बढ़ती रही और इस साल 17 प्रतिशत तक बढ़ गयी जबकि डीरैम कीमतें 44 प्रतिशत तक बढ़ गयी।

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