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मोबाइल विज्ञापन का बाजार 2020 तक $1.2 बिलियन की होगी: इनमोबी

cellphone can cause cancer2020 तक मोबाइल विज्ञापन $1.2 बिलियन का बाजार बन जायेगी, ये कहना है सिंगापुर की वैश्विक मोबाइल विज्ञापन एवं खोज मंच इनमोबी का।

इसकी रिपोर्ट दिखाती है कि दुनियाभर में लोग कंपूटर से अधिक मोबाइल पर इंटरनेट उपयोग कर रहे हैं और सभी वेब यातायात का 80 प्रतिशत हिस्सा अब मोबाइल से आती है।

“बतौर मध्यमा वाहन, लोगों को स्मार्टफोन से आकर्षक मनोरंजन मिल रही है। आज औसत उपयोक्ता अपने स्मार्टफोन पर लगभग 4.5 घंटे रोजाना इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह टीवी पर बिताये गये समय से 37 प्रतिशत अधिक है”, रिपोर्ट कहती है।

भारत में लोग मोबाइल पर 88 प्रतिशत समय एपों पर बिताते हैं और 2017 में, भारत इसमें तीसरे पायदान पर थी और अमेरिका को पछाड़ते हुये दुनिया की शीर्ष एप डाउनलोड राजधानी बन गयी। दुनियाभर में एप डाउनलोड के मामले में भारत का हिस्सा 12 प्रतिशत था।

रिपोर्ट का दावा है कि किसी एप में मौजूद पेशकश और छूट के कारण, भारतीय यात्रा और रिटेल (खुदरा) एपों को डाउनलोड करना पसंद करते हैं। इसके साथ एपों को पहली बार डाउनलोड करने से मिलती पेशकश (ओफर) से भी लोग खासे उत्साहित रहते हैं।

वीडियो सामग्री भी द्रुत गति से बढ़ रही है और 2021 तक, भारत की मोबाइल डाटा यातायात का 75 प्रतिशत वीडियो से आयेगी।

भारत उपयोक्ता उपभोग के मामले में मोबाइल वीडियो विज्ञापन में छठी सबसे बड़ी बाजार है। सस्ती उपकरण और बेहतर अंतर्जाल सेवा की वजह से वीडियो विज्ञापन उपभोग 124 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। रिपोर्ट का कहना है कि भारतीय खुदरा, मनोरंजन और प्रौद्योगिकी से जुड़ी वीडियो विज्ञापन देखना पसंद करते हैं।

रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि रिलायंस जियो जैसी नयी नेटवर्क प्रदाताओं के आने से मोबाइल अंतर्जाल की कीमतों में भारी गिरावट आयी है जिससे उच्चगति की अंतर्जाल सेवायें सभी वर्गों के लिये सुलभ हो गयी हैं। वाईफाई पर केवल 39 प्रतिशत मोबाइल विज्ञापन देखी जाती है।

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